SEO

What is SEO in Hindi. एसईओ क्या होता है?

एसईओ के बारे में विस्तार से जानिए

इंटरनेट पर अनेक ब्लॉगर हर दिन नया ब्लॉग शुरू करते है परंतु उनमें से सिर्फ 1 प्रतिशत से भी कम लोग सफल ब्लॉगर बनकर पैसे कमा पाते है। ऐसा क्यों होता है? क्योंकि ज़्यादातर ब्लॉगर के ब्लॉग पर ट्रेफिक ही नहीं आता जिस कारण वे थक हार कर ब्लॉगिंग को बहुत कम समय में छोड़ देते है। ब्लॉगिंग करने के लिए आपके पास ब्लॉग होना ही जरूरी नहीं है बल्कि आपके ब्लॉग पर ट्रेफिक आना सबसे जरूरी है। किसी भी ब्लॉग पर गूगल से ट्रेफिक लाने के लिए एसईओ सबसे जरूरी है परंतु ज़्यादातर ब्लॉगर को एसईओ के बारे में पता ही नहीं होता है। आज मैं आपको एसईओ क्या (What is SEO in Hindi) होता है, इसके बारे में विस्तार से जानकारी देने वाला हूँ। अगर आप भी ब्लॉगिंग कर रहे है तो आपको एसईओ के बारे में जरूर जानना चाहिए।

आपके पास ब्लॉग है और उस पर ट्रेफिक नहीं आता है तो आपको अपने ब्लॉग के लिए एसईओ जरूर करना चाहिए। इसके लिए आपको एसईओ क्या होता है एसईओ के कितने प्रकार होते है इसके बारे में पता होना जरूरी है। आज के इस आर्टिक्ल में हम आपको यही बताने वाले है अगर आपने एसईओ के बारे में जानना है तो इस ब्लॉग को पूरा जरूर पढ़ लें।

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What is SEO in Hindi. एसईओ क्या होता है।

एसईओ एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से हम किसी भी सर्च इंजिन के अंदर अपने ब्लॉग यां वैबसाइट को टॉप में ला सकते है। इस तकनीक के अंदर एसईओ के अनेक फेक्टर यां पॉइंट होते है हम जिनहे पूरा करके बड़ी आसानी से अपने ब्लॉग यां वैबसाइट को किसी भी कीवर्ड के लिए सर्च इंजिन के पेज में टॉप रिज़ल्ट में ला सकते है। आज के समय में अनेक सर्च इंजिन जैसे गूगल, याहू, बीइंग जैसे मौजूद है परंतु अगर आप गूगल पर अपनी वैबसाइट को एसईओ करके टॉप पर ले आते है तो भी आपको लगभग सारा सर्च ट्रेफिक आ सकता है।

What is SEO Full Form. एसईओ की फुल फॉर्म क्या होती है।

एसईओ की फुल फॉर्म सर्च इंजिन ओप्टिमैजेशन होती है जिसे हम इंग्लिश में Search Engine Optimization कहते है।

एसईओ के कितने प्रकार होते है। Types of SEO in Hindi.

एसईओ के भी आगे अलग अलग प्रकार होते है जिनके आधार पर इन्हे 3 भागो में बांटा गया है। हम आपको SEO के इन दो प्रकार के बारे में बता देते है।

  • ऑन पेज एसईओ / ON Page SEO
  • ऑफ पेज एसईओ / Off Page SEO

ऑन पेज एसईओ –

ऑन पेज के अंदर हम अपनी वैबसाइट को बनाते समय यां आर्टिक्ल लिखते समय जो SEO करते है उसे ऑन पेज एसईओ कहा जाता है इसके अंदर हम अपनी वैबसाइट को डिज़ाइन करते समय एसईओ के हिसाब से रखें तथा अपने ब्लॉग पर कोई भी आर्टिक्ल पब्लिश करते समय जिन बातों का ध्यान रखा जाता है उन्हे ऑन पेज एसईओ कहा जाता है। ऑन पेज एसईओ के भी आगे अनेक प्रकार होते है।

वैबसाइट स्पीड –

ऑन पेज एसईओ के अंदर किसी वैबसाइट यां ब्लॉग की स्पीड कितनी है यह सबसे ज्यादा मैटर रखता है अगर आपके ब्लॉग की स्पीड कम होती है तो यूजर आपके ब्लॉग को छोडकर किसी दूसरे ब्लॉग पर चला जाएगा। गूगल भी जिन वैबसाइट की लोड स्पीड ज्यादा होती है उन्हे टॉप रैंक नहीं देता है। किसी भी वैबसाइट की लोड स्पीड 3 सेकंड से कम है तो गूगल उसे दूसरी वैबसाइट की तुलना में ज्यादा अहमियत देता है।

वैबसाइट की स्पीड बढ़ाने के लिए हमें एक हेवी थीम का इस्तेमाल करना चाहिए तथा प्लगइन भी ज्यादा इन्स्टाल करके नहीं रखने चाहिए आप सिर्फ उन प्लगइन को रखे जो आपके लिए जरूरी हो। इसके अलावा आप अपने ब्लॉग के लिए होस्टिंग लेते समय सावधानी बरतें अगर आपकी होस्टिंग का रिसपोन्स टाइम कम है तो आपकी वैबसाइट की स्पीड अच्छी होगी। इसलिए अपने ब्लॉग के लिए रिसर्च करके एक अच्छी होस्टिंग खरीदें। वैबसाइट स्पीड के लिए अपने ब्लॉग पर आर्टिक्ल में जो फोटो डालते है उसे कंप्रेस करके डाले और इमेज का साइज़ छोटा रखें।

इसके अलावा काफी सारे अनेक प्लगइन है जो किसी भी वैबसाइट की स्पीड को बढ़ा देते है। इसमें अनेक प्लगइन WP Total Cache और Nitropack जैसे प्लगइन है इसमें Nitropack सबसे अच्छा प्लगइन है जिसका इस्तेमाल मैं खुद करता हूँ।

My Website Speed
मेरे ब्लॉग की 60 आर्टिक्ल के साथ स्पीड

वैबसाइट थीम –

ऑन पेज एसईओ का एक पार्ट वैबसाइट की थीम यां नेविगेशन भी है अगर आपकी वैबसाइट की थीम अच्छी है तो यूजर को आपके ब्लॉग पर आर्टिक्ल पढ़ने में मजा आएगा। परंतु आपकी थीम और साइट का नेविगेशन ही अच्छा नहीं है तो यूजर आपके ब्लॉग पर आने के बाद इम्प्रेस नहीं होगा। इसलिए अपने ब्लॉग के अंदर ऑन पेज एसईओ में अच्छी थीम और प्रोपर नेविगेशन दे।

ब्लॉग पोस्ट में ऑन पेज एसईओ –

आर्टिक्ल लिखते समय में अगर आप अच्छा ऑन पेज कर लेते है तो आपके ब्लॉग को गूगल में रैंक होने में बड़ी आसानी होती है। इसमें आपने अपने ब्लॉगपोस्ट में कीवर्ड का इस्तेमाल करना, अच्छा टाइटल लिखना आदि शामिल होता है।

ऑफ पेज एसईओ / Off Page SEO –

एक बार आर्टिक्ल पब्लिश करने के बाद में सारा काम ऑफ पेज एसईओ का होता है इसमें हमने अपने ब्लॉग का ऑनलाइन प्रमोशन करना होता है जिसमें हम किसी दूसरे ब्लॉग पर जाकर कमेंट करते है, बैकलिंक बनाते है। वैबसाइट को अलग अलग वैबसाइट पर सबमिट करते है Social Media पर शेर करते है यह सब ऑफ पेज एसईओ के अंदर आता है।

निष्कर्ष –

आज के इस आर्टिक्ल में हमने आपको एसईओ क्या (What is SEO in Hindi) होता है। इसके बारे में विस्तार से बताया है मुझे उम्मीद है आपको एसईओ और उसके कितने प्रकार होते है इससे जुड़ी जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपको आर्टिक्ल पसंद आया है तो इसे लाइक, कमेंट और शेयर जरूर कर दें।

पवन सिंह शेखावत

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पवन सिंह है, मैंने कंप्यूटर साइन्स के अंदर अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की है। मुझे इंटरनेट, टेक्नॉलजी, कंप्यूटर के बारे में जानने की काफी ज्यादा दिलचस्पी है, जिस कारण मैंने इस ब्लॉग को बनाया है जिसमें आपको इंटरनेट, टेक्नॉलजी, कंप्यूटर, मोबाइल, टिप्स ट्रिक्स तथा ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीकों के बारे में बताने वाला हूँ। अगर आपको मेरे आर्टिक्ल पसंद आते है तो मुझे Social Media पर Follow जरूर कर लें। धन्यवाद !

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